अब किससे शिकवा करें, जब अपना ही दिल बेवफाई कर गया?
किस्मत का खेल देखिए, जिसे चाहा था दिल से, वही दूर हो गया।
रिश्ते अगर दिल से निभाए जाएं तो अमर हो जाते हैं,
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
वो साथ था पर दिल से नहीं, मैं साथ था पर नसीब से नहीं।
बरसों तक वो रात चले, सदियों दूर सवेरा हो।
वो कहते थे साथ निभाएंगे, पर वादा करके भी निभा ना सके।
बेवफा तो नहीं थे हम, पर उसने हमें वफादारी की सज़ा Sad Shayari दी।
अगर दिल भारी है, तो शायरी पढ़िए, खुद को समझिए और याद रखिए —
This collection is full of gentle terms and true emotions. Should your heart is heavy and you would like to come to feel a little much better, this indian poetry will touch your soul Actually and simply.
तू नहीं था, तो भी तुझे चाहा मैंने, अब जब तू नहीं है, तो भी तुझसे प्यार है।
दर्द ही सही, पर तेरा एहसास तो है, जो मेरे साथ नहीं, फिर भी मेरे पास तो है।
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
तेरे जाने के बाद, ये दुनिया और भी स्याह सी लगने लगी,